थक चुका हूँ मैं

ले और नहीं इन्तेहाँ मेरा,
देते हुए हिसाब थक चुका हूँ मैं ।१।

बची नहीं मेरे पास अना,
बाज़ार-ऐ-इश्क़ में बिक चुका हूँ मैं ।२।

देख कर मुझको न मुस्कुरा,
तेरे एहसानों तले दब चुका हूँ मैं ।३।

देगा मुझको कौन दवा अब,
इश्क़ का ज़हर चख चुका हूँ मैं ।४।

रहा न कुछ भी पास अमित,
सब कुछ तेरे नाम लिख चुका हूँ मैं ।५।

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