भरम मेरा

न मिलती तुम मुझसे
कर देती कोई झूठा वादा
रह जाता भरम मेरा ।१।

बचा कर दामन अपना
कर दिया मुझको मशहूर
क्या कम है करम तेरा ।२।

जलाकर सपने सभी
अब पहचान पाया हूँ मैं
मिज़ाज है गरम तेरा ।३।

ऐसी भी क्या रंजिश जो
तड़पता देख कर मुझको
आनंद है चरम तेरा ।४।

सहकर सारे ज़ख्म अमित
नहीं किया शिकवा कभी
यह तो है धरम मेरा ।५।

In response to: Reena’s Exploration Challenge # 90

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