फिर से मुझे

वो कौन है जो सपने में आया है आज
किसने दी है आज सदा फिर से मुझे ।१।

वो ज़ुल्फ़ झटकने का अंदाज़ उसका
याद आयी उसकी अदा फिर से मुझे ।२।

वस्ल-ए-यार से मिलता है इस दिल को सुकूँ
सोचता हूँ कब होगा फ़ायदा फिर से मुझे ।३।

छलका के मय को आँखों से साकी ने
समझा दिया पीने का कायदा फिर से मुझे ।४।

बहुत छला है उम्मीदों ने हमेशा अमित
मत याद दिला कोई वायदा फिर से मुझे ।५।

फ़ासला क्यों है

हम दोनों के दरमियान
क्या हुई वो चाहतें
अब यह फ़ासला क्यों है ।१।

बढ़ाऊँ भी मैं हाथ अगर
अब नहीं थामोगे तुम
टूटा हुआ हौंसला क्यों है ।२।

कायनात है क़दमों में मेरे
तो फिर दिल में यह
एहसास-ए-ख़ला क्यों है ।३।

गर इतना ही बुरा हूँ मैं
फिर सुनकर नाम मेरा
सांसों में ज़लज़ला क्यों है।४।

रोज़ आती है रात मगर
नींद नहीं आती अमित
ऐसा यह सिलसिला क्यों है ।५।

In response to: Reena’s Exploration Challenge #107

पूछूँगा तुम से

एक रोज़ तुम मिलोगे तो पूछूँगा तुम से
क्या मिला तुमको यूँ दिल तोड़ के मेरा ।१।

किस ग़ुरूर से जाते हो ठुकरा के मुझे
क्या जा सकती हो दिल छोड़ के मेरा ।२।

खून का हर क़तरा देगा वफ़ा की गवाही
चाहे तो देख लो दिल निचोड़ के मेरा।३।

कहीं यूँ तो नहीं दिल तोड़ना शौक है तेरा
कितने हुए अब तक दिल जोड़ के मेरा ।४।

नहीं भुला पाया है अब तक यादें तेरी अमित
सोता है उन्हें रात को दिल ओढ़ के मेरा।५।

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