Tornadoes of my thoughts

the tornadoes of my thoughts
want to ruffle your
silken hair
and watch
you
squirm

धुआँ धुआँ सा इश्क़

अभी तो मिले थे हम, अभी बिछड़ गए
मेरे नसीब में है धुआँ धुआँ सा इश्क़

कुछ दिन तो मुझको दिखाई जन्नत मगर
हँसता है अब मुझपर शैतां सा इश्क़

तरस रहा हूँ प्यार की एक बूँद के लिए
जल रहा इस जून में मकां सा इश्क़

जब भी ज़रुरत पड़ी, कर लिया याद
समझा है क्या तुमने दुकां सा इश्क़

क्यों हुआ इश्क़ में नाकाम तू “अमित”
लगा था सब के लिए है आसां सा इश्क़

दिल का शज़र

जब से तुम गए हो शहर
नहीं कटता है एक पहर
वक़्त मानो गया है ठहर
विरह बरसाए हर पल कहर
वीरान है मेरे दिल का शज़र

आग बरसाए दोपहर
नहीं हवाओं की लहर
दूर लगती है नहर
लगे जीना खुद इक ज़हर
वीरान है मेरे दिल का शज़र

तनहा

तनहा हैं मेरे ख्वाब-ओ-ख़याल
मेरी कोई सदा तुझ तलक जाती नहीं ।१।

अंधियारी है अब मेरी हर एक रात
चाँद की मुझ तक झलक आती नहीं ।२।

पुकारना चाहता हूँ तुझे लेकर नाम तेरा
आवाज़ कोई मेरे हलक आती नहीं ।३।

कश-म-कश में हूँ कहाँ लेके जाऊँ इन्हे
बहुत भारी हैं सपने, पलक उठातीं नहीं ।४।

घुट रहा है दम मेरा इस कफ़न में अमित
ज़मीन मेरी नहीं, फलक बुलाती नहीं ।५।

In response to: Reena’s Exploration Challenge # 126

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