A hundred reasons

A hundred reasons to live – but why?
When I have you and your eyes….

Two sips – intoxicating enough
For a lifetime to laugh and love

There are many who burn in desire
Your beauty sets the world on fire

Kohl laden eyes and open hair
How you slay me, my maiden fair

Let others know, you belong to me now …
Declare it fast – and you know how…

In collaboration with Reena Saxena for Reena’s Exploration Challenge # 100

सौ बहाने जीने के

क्यों ढूँढूं मैं सौ बहाने जीने के
एक तुम हो और हैं आँखें तुम्हारी ।१।

पिला दे मुझे दो घूँट साकी
न उतरे उम्र भर तेरी ख़ुमारी ।२।

क्यों न हो मुझे आरज़ू तेरी
है ज़ुस्तज़ू में तेरी दुनिया सारी ।३।

काजल, बिंदी, खुली है ज़ुल्फ़ तुम्हारी
है आज मेरे क़त्ल की पूरी तैयारी ।४।

हो गयी हो तुम अब मेरी अमित
कर दो सूचना जनहित में जारी ।५।

In response to: Reena’s Exploration Challenge # 100

याद बहुत आती हैं

देखता हूँ लोगों को
सफ़ेद, काली पोशाकों में
रंगीन लहंगों में मुटियारें
याद बहुत आती हैं

हैं बहुत रंगीं फ़ूल मगर
नहीं किसी में भी खुशबू
गुलाब के फूलों की कतारें
याद बहुत आती हैं

सावन हरे न भादों सूखे
लोगों में उन्माद कहाँ है
अपने देश की बहारें
याद बहुत आती हैं

कटा दिए सर अपने
नहीं झुकने दिया तिरंगा
नहीं झुकी जो कटारें
याद बहुत आती हैं

जय हिन्द !!!

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